1993 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच एक टेस्ट मैच खेला गया था. कंगारुओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम की शुरुआत भी अच्छी रही और उसने 2 विकेट खोकर 85 रन बना लिए हैं। कैरेबियाई कप्तान ने गेंद कर्टनी एंब्रोज को थमाई और अगली 32 गेंदों में जो हुआ वह आज भी इतिहास में दर्ज है.

स्पोर्ट्स स्टेशन, नई दिल्ली। 30 जनवरी और 1993 को श्रद्धांजलि में। इस दिन पर्थ की पिच पर छह फुट सात इंच लंबे गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलियाई खेमे में खलबली मचा दी थी. 32 गेंदों में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज ने कंगारू बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया.

कैरेबियाई गेंदबाज ने सिर्फ एक रन देकर 7 विकेट लिए और टेस्ट क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। वह गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि कर्टनी एम्ब्रोस थे, जिनकी तेज गेंद से दुनिया भर के हिटर थर्राते थे।

1993 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज (AUS vs WI) के बीच टेस्ट मैच खेला गया था. कंगारुओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम की शुरुआत भी अच्छी रही और उसने 2 विकेट खोकर 85 रन बना लिए हैं।

कंगारू बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने की कोशिश में कैरेबियाई कप्तान ने गेंद कर्टनी एंब्रोज को थमाई और अगली 32 गेंदों पर जो हुआ वह आज भी इतिहास में दर्ज है। कर्टनी ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी क्रम पर कहर बरपाया और सिर्फ एक रन देकर सात कंगारू बल्लेबाजों को आउट किया।

85 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में दिख रही थी और आखिरकार 119 रन पर ढेर हो गई। कंगारू बल्लेबाजों ने उस दिन एम्ब्रोस की गति के आगे आसानी से घुटने टेक दिए और जल्द ही पूरा बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 119 रनों से हराने के बाद वेस्टइंडीज ने जवाब में 322 रन बनाए. दूसरे गेम में भी कंगारू बल्लेबाजों का बुरा हाल रहा और टीम 178 रनों से ढेर हो गई। दूसरी पारी में इयान बिशप ने कहर बरपाते हुए छह विकेट झटके. इस बीच, कर्टनी एम्ब्रोस ने दूसरी पारी में दो विकेट लिए।