LOCK कर बैठी ये महिला खुद को , 6 सालों से नहीं निकली बाहर, लेकिन क्यों..-Hindi News

Hindi News – नई दिल्ली: कोरोना को साल 2020 में इस दुनिया में आया है। कोरोना से उभरने के लिए हमने लॉकडाउन का कठोर नियम भी लागू किया। अब लॉकडाउन झेलना हमारे लिए महाभारत बन चुका है। लेकिन हमारे समाज में औरतों का लॉकडाउन तो ना जानें कब से शुरु है। पुराने समय से आज […]

LOCK कर बैठी ये महिला खुद को , 6 सालों से नहीं निकली बाहर, लेकिन क्यों..-Hindi News

Hindi News – नई दिल्ली: कोरोना को साल 2020 में इस दुनिया में आया है। कोरोना से उभरने के लिए हमने लॉकडाउन का कठोर नियम भी लागू किया। अब लॉकडाउन झेलना हमारे लिए महाभारत बन चुका है। लेकिन हमारे समाज में औरतों का लॉकडाउन तो ना जानें कब से शुरु है। पुराने समय से आज भी औरतों ने चारदीवारी से बाहर की दुनिया नहीं देखी है। लेकिन वो सब सामाजिक कुरीतियां होती थी। एक खबर सुनने मिली है कि एक औरत ने खुद को पिछले छह सालों से लॉक कर रखा है। लेकिन किसी बीमारी की वजह से। इस औरत का नाम एम्मा डेविस बताया जा रहा है। और यह 35 वर्ष की है। एम्मा डेविस को एमेटोफोबिया नाम की बीमारी होने के कारण इन्होनें खुद को अपने घर में कैद कर लिया है। पिछले 6 साल से इस महिला ने बाहर की दुनिया नहीं देखी है।

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क्या होता है एमेटोफोबिया

एमेटोफोबिया एक ऐसा डर है, जिसमें मरीज को हमेशा उल्टी होने, उल्टी देखने या दूसरों को उल्टी करते हुए देखने के बाद उल्टी आने का डर बना रहता है। यह फोबिया कुछ लोगों के लिए इतना भयानक हो जाता है कि उनकी पूरी जीवनशैली बदल जाती है। इसी डर के कारण एम्मा पिछले 6 सालों से घर से बाहर नहीं निकली हैं। उन्हें हमेशा यह डर सताता रहता है कि अगर वे बाहर गईं तो उन्हें उल्टी आ जाएगी। इस प्रकार की बीमारी दुनिया में बहुत से लोगों को है।

घर में सुरक्षित नहीं

यह एक ऐसी अजीब बीमारी है जिनमें लोगों को मरीज को देखकर डर लगने लगता है। इस कारण मरीज घर में रहना ज्यादा पसंद करता है। बाहर लोगों का सामना करने से ज्यादा अच्छा घर में कैद रह कर लगता है। इस बीमारी के मरीज घर में ही खुश रहते है। हालांकि कभी-कभी उन्हें घर पर भी एमेटोफोबिया का अटैक आ जाता है।  23 साल की उम्र से एम्मा को अपनी इस विचित्र बीमारी का अहसास होने लगा था। बाहर निकलने या बस में बैठने पर उन्हें घबराहट महसूस होती थी। इसलिए उन्होंने काम छोड़कर घर पर रहने का फैसला कर लिया था।

इलाज से भी फायदा नहीं

लगभग 12 सालों से एम्मा डेविस अपना इलाज करवा रही है। लेकिन उनको थोड़ा सा भी आराम नहीं मिला है। कभी-कभी तो 1 दिन में ही उन्हें 6 पैनिक अटैक आ जाते है। इस स्थिति से उबरने के लिए उन्होंने कई तरह के इलाज करवाए। लेकिन इसके बावजूद उनकी बीमारी ठीक नहीं हुई। ऐसे में वे घर में ही रहने को मजबूर हैं। एम्मा डेविस की हालत देखकर लगता है कि इस बीमारी कहीं कोई इलाज नहीं है। इस कारण वे घर के अलावा कहीं ओर नहीं जाती है।

 
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